यह ब्लॉग खोजें

सोमवार, 2 जुलाई 2018

श्री शिव पंचाक्षर स्तोत्र

पंचाक्षर स्तोत्र (संस्कृत: श्रीशिवपंचाक्षरस्तोत्रम्) एक स्तोत्र है। स्तोत्र संस्कृत साहित्य में किसी देवी-देवता की स्तुति में लिखे गये काव्य को कहा जाता है। इस स्तोत्र में शिव जी की प्रार्थना की गई है। ॐ नम: शिवाय पर निर्धारित यह श्लोक संग्रह अत्यंत मनमोहक रूप से शिवस्तुति कर रहा है।


परमपूज्य श्री शिवावतार आदिशंकराचार्य जी महाराज।
इस स्तोत्र के रचयिता श्री आदि शंकराचार्य जी हैं जो महान शिव भक्त, अद्वैतवादी, एवं धर्मचक्रप्रवर्तक थे। सनातनी ग्रंथ एवं विद्वानों के अनुसार वे भगवान शिव के अवतार थे। इनके विषय में कहते हैं।..

अष्टवर्षेचतुर्वेदी, द्वादशेसर्वशास्त्रवित् षोडशेकृतवान्भाष्यम्द्वात्रिंशेमुनिरभ्यगात्

अर्थात्, आठ वर्ष की आयु में चारों वेदों में निष्णात हो गए, बारह वर्ष की आयु में सभी शास्त्रों में पारंगत, सोलह वर्ष की आयु में शांकरभाष्य तथा बत्तीस वर्ष की आयु में शरीर त्याग दिया।
इस स्तोत्र के पाँचों श्लोकों में क्रमशः न, म, शि, वा और य है अर्थात् नम: शिवाय। यह पूरा स्तोत्र शिवस्वरूप है।

श्री शिव पंचाक्षर स्तोत्र



नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वराय।
नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे “न” काराय नमः शिवायः॥
मंदाकिनी सलिल चंदन चर्चिताय नंदीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय।
मंदारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय तस्मे “म” काराय नमः शिवायः॥
शिवाय गौरी वदनाब्जवृंद सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय।
श्री नीलकंठाय वृषभद्धजाय तस्मै “शि” काराय नमः शिवायः॥
वषिष्ठ कुम्भोद्भव गौतमाय मुनींद्र देवार्चित शेखराय।
चंद्रार्क वैश्वानर लोचनाय तस्मै “व” काराय नमः शिवायः॥
यक्षस्वरूपाय जटाधराय पिनाकस्ताय सनातनाय।
दिव्याय देवाय दिगंबराय तस्मै “य” काराय नमः शिवायः॥
पंचाक्षरमिदं पुण्यं यः पठेत् शिव सन्निधौ।
शिवलोकमवाप्नोति शिवेन सह मोदते॥
॥ इति श्रीमच्छंकराचार्यविरचितं श्रीशिवपञ्चाक्षरस्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥

स्तोत्र एवं भाषांतर


नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांगरागाय महेश्वराय।
नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै "न" काराय नमः शिवाय॥
हे महेश्वर! आप नागराज को हार स्वरूप धारण करने वाले हैं। हे (तीन नेत्रों वाले) त्रिलोचन, आप भस्म से अलंकृत, नित्य (अनादि एवं अनंत) एवं शुद्ध हैं। अम्बर को वस्त्र समान धारण करने वाले दिगम्बर शिव, आपके 'न' अक्षर द्वारा जाने वाले स्वरूप को नमस्कार है।

मंदाकिनी सलिल चंदन चर्चिताय नंदीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय।
मंदारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय तस्मै "म" काराय नमः शिवाय॥
चन्दन से अलंकृत, एवं गंगा की धारा द्वारा शोभायमान, नन्दीश्वर एवं प्रमथनाथ के स्वामी महेश्वर आप सदा मन्दार एवं बहुदा अन्य स्रोतों से प्राप्त पुष्पों द्वारा पूजित हैं। हे शिव, आपके 'म' अक्षर द्वारा जाने वाले रूप को नमन है।

शिवाय गौरी वदनाब्जवृंद सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय।
श्री नीलकण्ठाय वृषध्वजाय तस्मै "शि" काराय नमः शिवाय॥
हे धर्मध्वजधारी, नीलकण्ठ, शि अक्षर द्वारा जाने जाने वाले महाप्रभु, आपने ही दक्ष के दम्भ यज्ञ का विनाश किया था। माँ गौरी के मुखकमल को सूर्य समान तेज प्रदान करने वाले शिव, आपके 'शि' अक्षर से ज्ञात रूप को नमस्कार है।

वसिष्ठ कुम्भोद्भव गौतमार्य मुनींद्र देवार्चित शेखराय।
चंद्रार्क वैश्वानर लोचनाय तस्मै "व" काराय नमः शिवाय॥
देवगण एवं वसिष्ठ , अगस्त्य, गौतम आदि मुनियों द्वारा पूजित देवाधिदेव! सूर्य, चन्द्रमा एवं अग्नि आपके तीन नेत्र समान हैं। हे शिव !! आपके 'व' अक्षर द्वारा विदित स्वरूप को नमस्कार है।

यक्षस्वरूपाय जटाधराय पिनाकहस्ताय सनातनाय।
दिव्याय देवाय दिगम्बराय तस्मै "य" काराय नमः शिवाय॥
हे यक्ष स्वरूप, जटाधारी शिव आप आदि, मध्य एवं अंत रहित सनातन हैं। हे दिव्य चिदाकाश रूपी अम्बर धारी शिव !! आपके 'य' अक्षर द्वारा जाने जाने वाले स्वरूप को नमस्कार है।

पंचाक्षरमिदं पुण्यं यः पठेत् शिव सन्निधौ।
शिवलोकमवाप्नोति शिवेन सह मोदते॥
जो कोई भगवान शिव के इस पंचाक्षर मंत्र का नित्य उनके समक्ष पाठ करता है वह शिव के पुण्य लोक को प्राप्त करता है तथा शिव के साथ सुखपूर्वक निवास करता है।

॥ इति श्रीमच्छंकराचार्यविरचितं श्रीशिवपंचाक्षरस्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥

कोई टिप्पणी नहीं:

भगवान गणपति के 12 नाम

1- सुमुख-अर्थात सुन्दर मुख वाले। 2- एकदन्त-अर्थात एक दांत वाले। 3- कपिल-अर्थात कपिल वर्ण के। 4- गजकर्ण-अर्थात हाथी के कान वाले। 5- लम्बोदर-अ...

लेबल

नवरात्र दुर्गा पूजा नवदुर्गा नवरात्रि महा नवरात्रि राम नवरात्रि महाशिवरात्रि सरस्वती सरस्वती वंदना मंत्र गणेश वंदना Shri Hanuman गणपति स्रोत शिवरात्रि श्री सरस्वती आरती बाल कृष्ण श्रीगणपति सुभाषितानि अच्युतं केशवं रामनारायणम् अच्युतस्याष्टकम् कनकधारा स्तोत्र कृष्ण गजमुख चालीसा बजरंग बाण विघ्नहर्ता शिव का चमत्कारी स्त्रोत श्री संकटमोचन हनुमानाष्टक हनुमान Chalisa Mangal Stotra Religious books Shri Hanuman Chalisa shiv अथर्वशीर्ष अहोई माता ऋण मोचक मंगल स्तोत्र कनकधारा स्तोत्रम् (हिन्दी पाठ) करवा चौथ कष्ट विमोचन मंगल स्तोत्र कामदा एकादशी कौण्डिन्य ऋषि गणेश स्तोत्रं गीत गोपालं चैत्र नवरात्रि णमोकार मंत्र दशरथकृत शनि स्तोत्र दुर्गाष्टमी निर्वाण षटकम् नील सरस्वती स्तोत्र पुरुषोत्तम मास पूजन प्रार्थना बधाई भजन भज गोविन्दम् भजन भागवत भोग आरती मंगल स्तोत्र मङ्गलम् भगवान विष्णुः मनसा सततम् स्मरणीयम् महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् महिषासुरमर्दिनी. स्तोत्रम् रामत्व रामदूत रामायणं रुद्राष्टकम् वसंत नवरात्रि विद्वान् सर्वत्र पूज्यते विष्णुपञ्जरस्तोत्रम् शांति मंत्र शिवताण्डवस्तोत्रम् श्री गजानन प्रसन्न श्री गणेश श्री दत्तात्रेयवज्रकवचम्‌ श्री शिव श्री शिव चालीसा श्री शिव पंचाक्षर स्तोत्र श्री शिव पंचाक्षर स्तोत्रम् श्री शिवमङ्गलाष्टकम् श्री स्कन्द पुराण श्री हनुमान वडवानल स्तोत्र श्रीमद् हनुमन्त बीसा श्रीराम तांडव स्तोत्रम् षोडशोपचार पूजन सुखदाता स्तोत्र स्त्रोत हनुमान वडवानल स्तोत्र