यह ब्लॉग खोजें

गुरुवार, 20 सितंबर 2018

विष्णुपञ्जरस्तोत्रम्

विष्णुपञ्जरस्तोत्रम्॥

एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु का स्मरण मात्र ही इच्छाओं को पूरा करने वाला माना गया है। यह विष्णु पञ्जर स्तोत्र के नाम से भी प्रसिद्ध है। माना जाता है कि, इसके प्रभाव से ही माता रानी ने भी रक्तबीज व महिषासुर जैसे राक्षसों का अंत किया था।

॥ हरिरुवाच ॥
प्रवक्ष्याम्यधुना ह्येतद्वैष्णवं पञ्जरं शुभम् ।
नमोनमस्ते गोविन्द चक्रं गृह्य सुदर्शनम् ॥ १॥

प्राच्यां रक्षस्व मां विष्णो ! त्वामहं शरणं गतः ।
गदां कौमोदकीं गृह्ण पद्मनाभ नमोऽस्त ते ॥ २॥

याम्यां रक्षस्व मां विष्णो ! त्वामहं शरणं गतः ।
हलमादाय सौनन्दे नमस्ते पुरुषोत्तम ॥ ३॥

प्रतीच्यां रक्ष मां विष्णो ! त्वामह शरणं गतः ।
मुसलं शातनं गृह्य पुण्डरीकाक्ष रक्ष माम् ॥ ४॥

उत्तरस्यां जगन्नाथ ! भवन्तं शरणं गतः ।
खड्गमादाय चर्माथ अस्त्रशस्त्रादिकं हरे ! ॥ ५॥

नमस्ते रक्ष रक्षोघ्न ! ऐशान्यां शरणं गतः ।
पाञ्चजन्यं महाशङ्खमनुघोष्यं च पङ्कजम् ॥ ६॥

प्रगृह्य रक्ष मां विष्णो आग्न्येय्यां रक्ष सूकर ।
चन्द्रसूर्यं समागृह्य खड्गं चान्द्रमसं तथा ॥ ७॥

नैरृत्यां मां च रक्षस्व दिव्यमूर्ते नृकेसरिन् ।
वैजयन्तीं सम्प्रगृह्य श्रीवत्सं कण्ठभूषणम् ॥ ८॥

वायव्यां रक्ष मां देव हयग्रीव नमोऽस्तु ते ।
वैनतेयं समारुह्य त्वन्तरिक्षे जनार्दन ! ॥ ९॥

मां रक्षस्वाजित सदा नमस्तेऽस्त्वपराजित ।
विशालाक्षं समारुह्य रक्ष मां त्वं रसातले ॥ १०॥

अकूपार नमस्तुभ्यं महामीन नमोऽस्तु ते ।
करशीर्षाद्यङ्गुलीषु सत्य त्वं बाहुपञ्जरम् ॥ ११॥

कृत्वा रक्षस्व मां विष्णो नमस्ते पुरुषोत्तम ।
एतदुक्तं शङ्कराय वैष्णवं पञ्जरं महत् ॥ १२॥

पुरा रक्षार्थमीशान्याः कात्यायन्या वृषध्वज ।
नाशायामास सा येन चामरान्महिषासुरम् ॥ १३॥

दानवं रक्तबीजं च अन्यांश्च सुरकण्टकान् ।
एतज्जपन्नरो भक्त्या शत्रून्विजयते सदा ॥ १४॥

इति श्रीगारुडे पूर्वखण्डे प्रथमांशाख्ये आचारकाण्डे विष्णुपञ्जरस्तोत्रं नाम त्रयोदशोऽध्यायः॥

कोई टिप्पणी नहीं:

पूजन एवं देव स्थापना विधान

 पूजन एवं देव स्थापना विधान http://www.uou.ac.in/sites/default/files/slm/BAKK-202.pdf

लेबल

नवरात्र दुर्गा पूजा नवदुर्गा नवरात्रि महा नवरात्रि राम नवरात्रि महाशिवरात्रि सरस्वती सरस्वती वंदना मंत्र गणेश वंदना Shri Hanuman गणपति स्रोत शिवरात्रि श्री सरस्वती आरती बाल कृष्ण सुभाषितानि अच्युतं केशवं रामनारायणम् अच्युतस्याष्टकम् कनकधारा स्तोत्र कृष्ण गजमुख चालीसा बजरंग बाण विघ्नहर्ता शिव का चमत्कारी स्त्रोत श्री संकटमोचन हनुमानाष्टक श्रीगणपति Chalisa Mangal Stotra Religious books Shri Hanuman Chalisa shiv अथर्वशीर्ष अहोई माता ऋण मोचक मंगल स्तोत्र कनकधारा स्तोत्रम् (हिन्दी पाठ) करवा चौथ कष्ट विमोचन मंगल स्तोत्र कामदा एकादशी कौण्डिन्य ऋषि गणेश स्तोत्रं गीत गोपालं चैत्र नवरात्रि णमोकार मंत्र दशरथकृत शनि स्तोत्र दुर्गाष्टमी निर्वाण षटकम् नील सरस्वती स्तोत्र पुरुषोत्तम मास पूजन प्रार्थना बधाई भजन भज गोविन्दम् भजन भागवत भोग आरती मंगल स्तोत्र मङ्गलम् भगवान विष्णुः मनसा सततम् स्मरणीयम् महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् रामत्व रामदूत रामायणं रुद्राष्टकम् वसंत नवरात्रि विद्वान् सर्वत्र पूज्यते विष्णुपञ्जरस्तोत्रम् शांति मंत्र शिवताण्डवस्तोत्रम् श्री गजानन प्रसन्न श्री गणेश श्री दत्तात्रेयवज्रकवचम्‌ श्री शिव श्री शिव चालीसा श्री शिव पंचाक्षर स्तोत्र श्री शिव पंचाक्षर स्तोत्रम् श्री शिवमङ्गलाष्टकम् श्री स्कन्द पुराण श्रीमद् हनुमन्त बीसा श्रीराम तांडव स्तोत्रम् षोडशोपचार पूजन सुखदाता स्तोत्र स्त्रोत हनुमान